चाल

चाल


इकाई समय में तय कि गई दुरी चाल कहलाती है यानि जब कोई वस्तु इकाई समय (1 घन्टे,1 मिनट या 1 सैकण्ड) में जीतनी दुरी तय करती है। वह उसकी चाल कहलाती है जैसे एक कार 5 घण्टे में 50 कि.मी. दुरी तय करती है तो 1 घण्टे में तय दुरी 50/5 =10 कि.मी. यही कार की चाल है 10 कि.मी./घण्टा

चाल को कि.मी./घण्टा, मिटर/सैकण्ड या मिटर/मिनट में दर्शाया जाता है।

1 कि.मी. में 1000 मिटर होते हैं। अतः मिटर को कि.मी. में बदलने के लिए 1000 से भाग देते हैं और यदि कि.मी. को मिटर में बदलना होगा तो 1000 से गुना करते हैं

जैसे 5 किमी. को मिटर में बदलने के लिए 5*1000 = 5000 मिटर

इसी प्रकार 1 घण्टे में 60 मिटन होते हैं ओर 1 मिनट में 60 सैकण्ड अतः 1 घण्टे में 3600 सैकण्ड होते हैं। अब यदि घण्टे को सैकण्ड में बदलना होतो 3600 से गुना करेंगे और यदि सैकण्ड को घण्टे में बदलना होता 3600 से भाग देंगे।

जैसे 2 घण्टे को सैकण्ड में बदलने के लिए 2*3600= 7200 सैकण्ड

अब चाल को कि.मी./घण्टा से मिटर/सैकण्ड में बदलना होतो कि.मी. को 1000 से गुना और घण्टे को 3600 से गुना करना होगा

जैसे 20 किमी./घण्टा को मिटर/सैकण्ड में बदलने के लिए (20*1000)/(1*3600) =20*(5/18) इसी प्रकार मिटर/सैकण्ड को कि.मी./घण्टा में बदलने के लिए मिटर को 1000 से भाग देंगे और सैकण्ड को 3600 से भाग देंगे।

जैसे 30 मिटर/सैकण्ड को कि.मी./घण्टा में बदलने के लिए (30/1000)/(1/3600)=30*(18/5) अब हम कह सकते हैं कि किसी चाल को कि.मी./घण्टा से मिटर/सैकण्ड में बदलने के लिए 5/18 से गुना करेंगे और मिटर/सैकण्ड को कि.मी./घण्टा में बदलने के लिए 18/5 से गुना करेंगे।

जब रेल किसी वस्तु जिसकी चैड़ाई को रेल के सापेक्ष नगण्य माना जा सकता है जैसे व्यक्ति,खंम्भा आदि को पार करती है तो रेलगाड़ी स्वंय की लम्बाई जितनी दुरी को पार करती है। जैसे यदि एक रेलगाड़ी ने एक खंम्भे को पार किया तो उसने अपनी लम्बाई जितनी दुरी को पार किया है।क्योंकि जब रेल का अगला सिरा उस खंम्भे का पार करना शुरू करता है। तब से वह दुरी नापी जाति है तथा तब तक नापी जाती है जब तक कि उसका आखरी सिरा उस खंम्भे को पार न कर ले।



 

जब रेल किसी चैड़ी वस्तु जैसे सुरंग,प्लेफार्म या दुसरी रेलगाड़ी को पार करती है तो तय कि गई दुरी में रेलगाड़ी की लम्बाई के साथ साथ उस वस्तु की लम्बाई या चैड़ाई इसमें शामिल कर ली जाती हैं।

यदि रेल की लम्बाई 50 मीटर है तथा उसे 30 मीटर लम्बे प्लेटफार्म को पार करना है तो रेल द्वारा तय कि गई दुरी 50+30 =80 मीटर होगी।                                                        

 

जब रेलगाड़ी किसी चलाय मान वस्तु को पार करती है तो उसकी चाल उस वस्तु के आपेक्ष ज्ञात कि जाती है क्योंकि जब एक चलायमान वस्तु दुसरी चलाय मान वस्तु के पास से गुजरती है तो दोनों की दिशा समान होने पर आपेक्ष चाल दोनों चालों को घटाकर ज्ञात की जाति है और यदि दिशा विपरित होतो आपेक्ष चाल दोनों का योग करके ज्ञात कि जाती है।उदाहरण के लिए माना दो कार एक ही दिशा में 30 कि.मी./घण्टा व 40 कि.मी./घण्टा के चाल जा रही है तो दोनों के बिच कि दुरी जिस चाल से बढ़ रही है या घट रही है उसे आपेक्ष चाल कहेंगे इसी चाल से दो वस्तुएं एक दुसरे को पार करती हैं कार के उदाहरण में आपेक्ष चाल 40-30 =10 कि.मी./घण्टा है अर्थात दोनों के बिच की दुरी इसी चाल से बढेगी या घटेगी।

तथ्य


जब दो रेलगाड़ीयां एक दुसरे को पार करती है तो कुल तय दुरी दोनों कि लम्बाई के बराबर होती है। तथा चाल दिशा पर निर्भर करती है। यदि दोनों एक ही दिशा में है तो चालों को घटाया जायेगा यदि विपरित दिशा में है तो चालों को जोड़ा जायेगा।

यदि रेल चलते हुए व्यक्ति को पार करती है तो तय की गई दुरी रेल की लम्बाई के बराबर होगी तथा चाल दिशा पर निर्भर करेगी।

यदि दोनों एक ही दिशा में है तो चालों को घटाया जायेगा यदि विपरित दिशा में है तो चालों को जोड़ा जायेगा।



उदाहरण


50 मीटर/सैकण्ड की चाल से जा रही रेलगाड़ी एक व्यक्ति को कितने समय में पार कर लेगी यदि गाड़ी की लम्बाई 100 मीटर है।

समय दुरी/चाल

दुरी 100 मीटर

चाल 50 मीटर/सैकण्ड

100/50 2 सैकण्ड में



उदाहरण


200 मीटर लम्बी रेलगाड़ी 54 कि.मी./घण्टा की चाल से 100 मीटर लम्बे प्लेटफार्म को कितने समय में पार कर लेगी ।

सबसे पहले चाल को मि./सै. में बदलने पर 54*5/18 =15 मी/सै.

तय की गई कुल दुरी 200+100 =300

समय =300/14 =20 सैकण्ड



उदाहरण


एक रेलगाड़ी 180 मीटर लम्बे पुल को 12 सैकण्ड में पार कर सकती है तथा एक बिजली के खंम्भे को 3 सैकण्ड में तो रेलगाड़ी की लम्बाई तथा चाल क्या होगी ।

रेलगाड़ी अपनी लम्बाई तथा पुल की लम्बाई को 12 सैकण्ड में पार करती है तथा अपनी लम्बाई(खंम्भे को) को 3 सैकण्ड में तो पुल केवल पुल की लम्बाई को पार करने में लगा समय 12-3 =9 सैकण्ड

अतः हम यह कह सकते हैं कि रेलगाड़ी 180 मीटर दुरी तय करती है 9 सैकण्ड में अतः रेलगाड़ी की चाल 180/9

=20 मीटर/सैकण्ड

इसी चाल से रेलगाड़ी ने खंम्भा पार किया अतः यानि अपनी लम्बाई के बराबर दुरी तय कि तो रेलगाड़ी की लम्बाई 20*3= 60 मीटर

इसी उदाहरण को x मान कर भी हल किया जा सकता है

माना रेलगाड़ी की लम्बाई x मीटर है

तो रेलगाड़ी को 180+x मीटर दुरी तय करने में लगा समय 12 सैकण्ड

यानि रेलगाड़ी की चाल (180+x)/12

तथा रेलगाड़ी को x मीटर दुरी तय करने में लगा समय 3 सैकण्ड

यानि रेलगाड़ी की चाल x/3 मीटर

दोनों ही रेलगाड़ी की चाल है अतः दोनों बराबर होंगी

(180+x)/12 = x/3

180=3x

x=60 मीटर

अतः रेलगाड़ी की लम्बाई 60 मीटर

तथा 60 मीटर दुरी तय करने में लगा समय 3 सैकण्ड अतः चाल

60/3 = 20मीटर/सैकण्ड



उदाहरण


45 किमी./घण्टा की चाल से जा रही रेलगाड़ी जिसकी लंम्बाई 180 मी. है विपरित दिशा से आ रहे व्यक्ति जिसकी चाल 9 किमी./घण्टा है को कितनी देर में पार कर लेगी।

रेलगाड़ी तथा व्यक्ति की आपेक्षिक(विपरित दिशा में चालों का योग) चाल 45+9 = 54किमी./घण्टा

यानि 54*5/18=15 मी./सैकण्ड

180 मीटर दुरी तय करने में लगा समय 180/15 =12सैकण्ड



उदाहरण


दो रेलगाड़ीयां जिनकी लम्बाई क्र. 120 मी. व 180 मी. है एक दिशा में क्र. 30 किमी./घण्टा व 66 किमी./घण्टा की चाल से जा रही है। वे एक दुसरे को पार कितने समय में कर लेंगी।

गाड़ी को एक दुसरे को पार करने के लिए तय करने वाली दुरी 120+180 300 मी.

दोनों एक ही दिशा में जा रही है अतः आपेक्ष चाल 66-30 = 36 किमी./घण्टा

यानि 36*5/18=10मी./सै.

दुरी तय करने में लगा समय 300/10 =30 सैकण्ड



उदाहरण


120 मी. लम्बी गाड़ी सामने से आ रहे व्यक्ति को जिसकी चाल 7 किमी./घण्टा है को 6 सैकण्ड में पार कर लेती है तो गाड़ी की चाल क्या होगी ।

120 मी. दुरी को तय करने में गाड़ी तथा दोनों को लगा समय 6 सैकण्ड अतः आपेक्षिक चाल 120/6 = 20 मी./सैकण्ड

यानि 20*18/5 = 72 किमी./सैकण्ड

अतः गाड़ी तथा व्यक्ति दोनों की आपेक्षिक चाल 72 किमी./घण्टा है तथा व्यक्ति की चाल 7 किमी./घण्टा है तो

गाड़ी की चाल 72-7 = 65 किमी./घण्टा



उदाहरण


100 मीटर लम्बी रेल 45 किमी./घण्टा की चाल से जा रही है सामने से 63 किमी./घण्टा की चाल से आ रही रेल को 15 सैकण्ड में पार कर जाती है। सामने से आ रही रेलगाड़ी की लम्बाई कितनी है।

दोनों गाड़ीयों की आपेक्ष चाल 45+63 =108 किमी./घण्टा यानि 108*5/18 = 30 मि./सै.

30 मि./सै. कि चाल से 15 सैकण्ड में तय दुरी 30*15 =450 मीटर

पहली रेलगाड़ी की लम्बाई 100 मीटर है तो शेष लम्बाई(दुसरी गाड़ी की लम्बाई) 450-100 = 350 मीटर

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